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आई आई एन डेस्क बांदा –

बांदा की डीएम संध्या तिवारी के पास शनिवार दोपहर एक फोन आया। फोन उठाते ही दूसरी तरफ से आवाज आई, ‘डीएम साहिबा! यहां की जेल का डेप्युटी जेलर मुझसे एक कैदी की हत्या करवाना चाहता है। ऐसा न करने पर मुझे निपटा देने की धमकी दे रहा है।’ मोबाइल नंबर 88536—89 से आए इस फोन को सुनकर डीएम संध्या तिवारी एकबारगी सकते में आ गईं।

उन्होंने फौरन एसपी, एएसपी और एसडीएम को तलब किया और हमीरपुर जेल में छापा मार दिया। छापे के दौरान जेल से तीन मोबाइल मिले। इनमें वह फोन भी था जिससे डीएम को फोन किया गया था। इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश की जेलों में मोबाइल के इस्तेमाल होने की पुष्टि कर दी।

मोबाइल मिलने के बाद डीएम ने फोन करने वाले कैदी से पूछताछ करने के बाद आरोपित डेप्युटी जेलर समेत पूरे जेल प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। फोन करने वाले कैदी की सुरक्षा के लिए उसे अलग बैरक में रखने के आदेश दिए। इस कैदी ने हमीरपुर जेल से शनिवार को सुबह 10 बजे हमीरपुर के कुछ मीडियाकर्मियों को भी फोन किया था। तब भी उसने डेप्युटी जेलर पर एक कैदी की हत्या करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। उसने कहा कि ‘डेप्युटी जेलर कहता है खाने में जहर मिलाकर मार दो।’ तब इस कैदी ने अपना नाम भी नहीं बताया था। कहा कि अगर उसने नाम बताया तो जेल प्रशासन को पता चल जाएगा और उसे तुरंत मार दिया जाएगा।

‘कैदी ने खुद रचा षड्यंत्र’
हमीरपुर के जेल सूपरिंटेंडेंट राजेंद्र सोनकर का दावा है कि कैदी ने खुद ही अपने साथियों के साथ मिलकर मोबाइल, जेल तक पहुंचवाए और फिर डीएम को फोन किया। डीएम के छापे के दौरान उसने ही तीनों मोबाइल बरामद भी करवा दिए। जेल सूपरिंटेंडेंट सोनकर, डेप्युटी जेल सूपरिंटेंडेंट पर लगे आरोपों को गलत बताते रहे लेकिन जब उनसे पूछा गया कि जेल के अंदर तक कैदी मोबाइल भेजने में कैसे सफल हो गया, तो वे कोई जवाब नहीं दे सके।

नहीं सुधरे हालात
हाल ही में मथुरा जेल में बंदीरक्षक कैलाश ने बंदियों तक असलहे पहुंचाए। इन्हीं असलहों से जेल में राजेश टोंटा नामक अपराधी पर गोलियां चलीं। एक कैदी की बैरक में ही मौत हो गई थी। इससे पहले अगस्त 2014 में लखीमपुर जेल में बंदियों तक असलहे पहुंच गए। बंदी गोलियां बरसाते हुए जेल से भाग निकले। इस मामले में भी बंदीरक्षकों पर कार्रवाई हुई। सूत्रों के अनुसार, बाराबंकी, आजमगढ़, गोरखपुर समेत तमाम जेलों में अपराधी धड़ल्ले से फोन इस्तेमाल कर रहे हैं।

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आई आई एन डेस्क नई दिल्ली –

पश्चिमी दिल्ली में एक गोदाम से 8 हजार शराब की बोतलें मिलने के मामले में उत्तम नगर से आम आदमी पार्टी उम्मीदवार नरेश बालियान पर सिकंजा दो बार समन किए जाने पर भी वह पुलिस के सामने पेश नहीं हुए, जिस वजह से उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बी.एस. बस्सी ने भी इस बात के संकेत दिए हैं।

इस बीच आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस पर आम आदमी पार्टी के खिलाफ झूठे मामले बनाने का प्रेशर डाला जा रहा है। आप के एक डेलिगेशन ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली पुलिस चीफ से मुलाकात भी की है।

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बी.एस. बस्सी ने बताया, ‘हमारे पास आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार नरेश बालियान खिलाफ कुछ सबूत हैं, इसी वजह से हमने उन्हें दो बार बुलाया। अगर जरूरत पड़ेगी तो उन्हें गिरफ्तार भी किया जाएगा।’ बस्सी ने भरोसा दिलाया कि हमारे ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस एकदम निष्पक्ष होकर काम कर रही है और पुलिस को किसी को भी निशाना नहीं बना रही।

गौरतलब है कि पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर में एक गोदाम से शराब की 8 हजार बोतलें मिली थीं। इस मामले में पहले अज्ञात शख्स के खिलाफ एफआईआर हुई थी और बाद में पुलिस ने जांच के बाद बताया था कि उसे आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार नरेश बालियान के खिलाफ सबूत मिले हैं। इसके बाद एक्साइज ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच ने बालियान को फाइनल नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए शुक्रवार दोपहर तक पेश होने को कहा है।

इस मामले पर आम आदमी पार्टी के नेता लगातार कह रहे हैं कि दिल्ली पुलिस के ऊपर हमारे खिलाफ फर्जी मामले बनाने का प्रेशर डाला जा रहा है। उनका आरोप है कि नरेश बालियान को फंसाने के पीछे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का हाथ है। पार्टी नेता आशुतोष ने शुक्रवार सुबह ट्वीट किया कि उनकी दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों से बात हुई तो पता चला कि उनके ऊपर आम आदमी पार्टी को झूठे मामले में फंसाने का प्रेशर डाला जा रहा है।

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आई आई एन डेस्क मुंबई-
देवेंद्र फडणवीस सरकार ने अपने 100 दिन पूरे होने से ठीक पहले पिछली कांग्रेस-एनसीपी सरकार के कार्यकाल में हुए सिंचाई घोटाले के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि सिंचाई विभाग के 128 टेंडर रद्द कर दिए गए हैं।

रदद् किए गए टेडरों की लागत 627.28 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा, कोंकण इलाके की 12 सिंचाई परियोजनाओं की जांच ऐंटि करप्शन ब्यूरो को सौंप दी गई है। बीजेपी नेताओं ने एनसीपी के सिंचाई मंत्रियों अजित पवार और सुनील तटकरे पर हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था।

अधिकांश मामलों में ठेकेदारों को टेंडर में तय की गई रकम से ज्यादा पैसे दिए जाने का आरोप था। तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने इनकी जांच के लिए चितले समिति गठित की, जिसने केवल सरकारी कागजात का अध्ययन करके मंत्रियों का क्लीन-चिट दे दी थी। आरोप लगा रहे विपक्ष के नेताओं को सुनवाई तक का समय नहीं दिया गया।

इसी सप्ताह फडणवीस सरकार के सत्ता में 100 दिन पूरे हो रहे हैं। इससे ठीक पहले विधानसभा चुनाव में पार्टी के उठाए सबसे बड़े मुद्दे पर सरकार ठोस उपाय करती दिखाई देना चाहती है। खुद देवेंद्र फडणवीस ने बीजेपी विधायक के तौर पर इसी मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया था।

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उस समय के सिंचाई मंत्री तटकरे की कंपनियों का ब्योरा देते हुए उन पर सीधा हमला बोला। सरकार ने सिंचाई पर ‘श्वेतपत्र’ जारी करने का आश्वासन दिया, जो कभी पूरा नहीं किया गया। पहले इस मामले में एनसीपी के खिलाफ खड़े दिखाई दे रहे मुख्यमंत्री चव्हाण राजनीतिक मजबूरियों के चलते ठंडे पड़ गए। बीजेपी के सत्ता में आने पर सिंचाई मंत्री बने गिरीश महाजन ने दावा किया कि ठेकेदार उन्हें करोड़ों रुपये की घूस देने की कोशिश कर रहे हैं।

सरकारी दस्तावेज से खुला घोटाला

यह भी एक संयोग ही है कि सिंचाई घोटाले का खुलासा सरकार द्वारा जारी दस्तावेज से हुआ था। वर्ष 2010-11 के आर्थिक सर्वेक्षण में साफ बताया गया कि इससे पहले के दस सालों में महाराष्ट्र में सिंचाई केवल 0.2 प्रतिशत ही बढ़ी है। सरकारी कागजात में ही दर्ज था कि सिंचाई पर तब से 72 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। विपक्ष इसी आंकड़े को ले उड़ा।

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आई आई एन डेस्क अहमदाबाद –

गुजरात के सबसे विवादित पुलिस ऑफिसर डीजी वंजारा जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे। 2004 में कॉलेज स्टूडेंट इशरत जहां की हत्या मामले में उन्हें बेल मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें कहा है कि वह गुजरात में प्रवेश नहीं कर सकते। इशरत जहां केस में 8 पुलिस ऑफिसरों पर आरोपपत्र तय हुए थे। इनमें से चार पहले ही बेल पर रिहा हो चुके हैं। गुरुवार को वंजारा और दूसरे पुलिस ऑफिसर पीपी पांडे को भी बेल मिल गई।

2005 के सितंबर में शोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर केस में भी वंजारा को बेल मिल गई। ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ नाम से चर्चित वंजारा 8 सालों से अहमदाबाद जेल में बंद थे। वह पिछले साल रिटायर हुए हैं। सोहराबुद्दीन की हत्या मामले में 2007 के मार्च में वंजारा को अरेस्ट किया गया था। तब वह डेप्युटी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस थे।

2005 में सोहराबुद्दीन अपनी पत्नी कौसर बी और तुलसीराम प्रजापति के साथ आंध्र प्रदेश में एक बस में यात्रा कर रहे थे तभी गुजरात पुलिस ने इन्हें अगवा कर लिया था। कुछ दिनों बाद सोहराबुद्दीन और उनकी पत्नी कौसर बी की हत्या कर दी गई। इस मामले में तुलसीराम प्रजापति अहम गवाह थे। एक साल बाद इनकी भी हत्या कर दी गई। पुलिस का दावा था कि तुलसीराम प्रजापति भागने की कोशिश कर रहा था।

2004 में 19 साल की स्टूडेंट इशरत जहां के साथ तीन और व्यक्तियों की हत्या मामले में भी वंजारा को अभियुक्त बनाया गया था। इन सभी की पुलिस ऑफिसरों ने गोली मार हत्या कर दी थी। इन पुलिस ऑफिसरों का दावा था कि ये नरेंद्र मोदी की हत्या की योजना बना रहे थे।

2013 में वंजारा ने नौकरी छोड़ दी। नौकरी छोड़ने के बाद वंजारा ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर एक तीखे पत्र में उन्हें बलि का बकरा बनाने का आरोप लगाया था। नरेंद्र मोदी तब गुजरात के सीएम थे और अमित शाह प्रदेश के गृह मंत्री। तब वंजारा ने साफ कहा था कि मोदी और शाह के आदेश पालन के कारण पुलिस ऑफिसरों को बलि का बकरा बनाया गया। पिछले साल दिसंबर में मुंबई के कोर्ट ने अमित शाह की याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें सोहराबुद्दीन शेख हत्या मामले में बरी कर दिया था।

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आई आई एन डेस्क मुंबई –

मुंबई में पांच पुलिसवालों को ही डकैती के आरोप में अरेस्ट किया गया है। बुधवार को मुंबई पुलिस के पांच सिपाहियों ने एक क्लब में फर्जी रेड मारकर कैश काउंटर से पांच लाख रुपए लूट लिए। शहर के कोपरी पुलिस स्टेशन के इन पांचों सिपाहियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

थाने के क्लब मालिक बाबू नाडार की शिकायत के मुताबिक, पांच सिपाही- मयूर थोंगे, संदीप देसाई, स्वपनिल ताजने, विजेंद्र कदम और विनोद नेमाने देर रात एक बजे क्लब पहुंचे। पुलिसवालों ने क्लब मैनेजर से कहा है कि उन्हें सूचना मिली है कि यहां जुआ खेला जा रहा है।

शिकायत में कहा गया है कि सिपाहियों ने पहले क्लब को लूटा और फिर मालिक को गिरफ्तार कर ले गए। नाडार ने शिकायत में कहा है, ‘उन्होंने कहा कि मुझे पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है। हालांकि इसी बीच रास्ते में पुलिसवालों ने कहा कि तुम्हें आखिरी मौका दिया जा रहा है और जाओ अब अरेस्ट नहीं करेंगे।’

नाडार को आभास हुआ कि रेड असली नहीं थी तो उन्होंने कोपरी पुलिस स्टेशन में अधिकारियों से संपर्क किया। पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी कि सिपाहियों को किसी रेड का आदेश नहीं दिया गया था। क्लब से पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से सिपाहियों द्वारा की गई फर्जी रेड का पर्दाफाश हो गया।

इसके बाद पुलिस ने सबसे पहले पुलिसवालों के खबरी को अरेस्ट किया जो रेड के समय उनके साथ था और बाद में पांचों पुलिसवालों को भी पकड़ा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है, ‘हमारे पास सबूत के तौर पर सीसीटीवी फुटेज और अन्य सूचनाएं हैं।’इस पूरे मामले में डीसीपी विलासराव चंदनशिवे का कहना है कि आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ मामले की जांच की जा रही है।

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आई आई एन डेस्क नई दिल्ली –

दिल्ली पुलिस के मुताबिक वेस्ट दिल्ली के उत्तम मगर में एक गोदाम से बरामद की गईं शराब की आठ हजार बातलें आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार नरेश बालियान की ही थीं। पुलिस ने अब पूछताछ के लिए बालियान को नोटिस भेजा है।

पुलिस के मुताबिक यह शराब वोटरों के बीच बांटने के लिए तस्करी कर लगाई गई थी। पुलिस का यह खुलासा फर्जी चंदे को लेकर घिरी आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

जॉइंट पुलिस कमिश्नर (क्राइम) रविंद्र यादव ने कहा कि पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि बालियान को जांच में शामिल होने को कहा गया है, लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहे हैं।

 उन्होंने बताया कि बालियान को नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने सात फरवरी तक का समय मांग लिया। उन्हें फिर बुधवार को पूछताछ के लिए हाजिर होने को कहा गया।

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने शुक्रवार रात उत्तम नगर में एक गोदाम में छापा मारकर 5,964 अवैध शराब की बोतलें जब्त की थीं। निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि संयुक्त अभियान में हरियाणा निर्मित कुल 5,964 शराब की बोतलें (4,473 लीटर) जब्त की गई थीं।

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आई आई एन डेस्क लखनऊ – लखनऊ के गोमतीनगर में केंद्रीय विद्यालय के केमिस्ट्री टीचर ने परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर बारहवी की छात्रा के साथ कई बार शारीरिक सम्बन्ध बनाया जिससे छात्रा गर्भवती हो गई टीचर को इसकी जानकारी मिलने पर उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर 10 जनवरी को छात्रा का गर्भपात भी करवा दिया। रविवार देर रात पुलिस ने टीचर, उसकी पत्नी और दो महिला डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को चारों को जेल भेज दिया गया।

गोमतीनगर के एसओ मोहम्मद अब्बास ने बाताया कि आरोपी आर.सी. तिवारी केंद्रीय विद्यालय में केमिस्ट्री के टीचर हैं, जो अपनी पत्नी के साथ कैंपस में ही बने घर में रहते हैं। अक्टूबर से छात्रा तिवारी के घर ट्यूशन पढ़ने जा रही थी। इस बीच टीचर ने उसके साथ कई बार रेप किया। छात्रा ने विरोध किया तो टीचर ने उसे फेल करने की धमकी दी। इस बीच छात्रा गर्भवती हो गई।

छात्रा के गर्भवती होने की बात पता चलने पर तिवारी ने गुपचुप तरीके से आईआईएम रोड स्थित निजी क्लीनिक विजयश्री में उसका गर्भपात करवा दिया। गर्भपात के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद जब परिवार के लोगों ने छात्रा से पूछताछ की तो उसने पूरी घटना बताई।

छात्रा के परिवार वालों की शिकायत पर रविवार रात गोमतीनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर टीचर, उसकी पत्नी अनीता और छात्रा का गर्भपात करने के आरोप में दो महिला डॉक्टरों, विजयश्री और अशका सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया। एसओ ने बताया कि डॉक्टर विजयश्री अपने नाम से ही क्लीनिक चलाती हैं। अशका सिद्दीकी उनके यहां नर्स हैं। टीचर की पत्नी पर छात्रा के गर्भपात में सहयोग करने का आरोप है।

एसओ के अनुसार सीएमओ को भी इस मामले की जानकारी दी जा रही है ताकि क्लीनिक और इसके संचालक पर एमसीआई के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सके। उधर, आरोपी टीचर ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया है। टीचर के सात साल के बेटे को उसके रिश्तेदार के घर रायबरेली भेज दिया गया है। एसओ ने कहा कि छात्रा अभी सदमे में है। उसकी काउंसलिंग जरूर करवाई जाएगी ताकि वह जल्द से जल्द सामान्य हो सके।

इन बातों पर स्टूडेंट‌्स रखें ध्यान

– स्कूल-कॉलेज या कहीं भी लोगों के बेवजह निकटता बनाने की कोशिश पर सतर्क हो जाएं।

– अपने पैरंट्स को ऐसे लोगों-हरकतों के बारे में तुरंत बताएं।

– किसी भी अनैतिक दबाव में न आएं बल्कि ऐसे किसी भी दबाव का खुलकर सामना करें।
इन बातों पर पैरंट‌्स रखें ध्यान

– बढ़ती उम्र के लिहाज से बच्चों से कुछ मसलों पर खुलकर बात करें।

– रोज बच्चों से स्कूल की गतिविधियों की जानकारी लें।

– बेवजह टोकाटाकी न करें लेकिन उनके दोस्तों, मिलने-जुलने वालों के बारे में जानकारी जरूर रखें।

– बच्चों को असामान्य हरकतें करते देख डांटने के बजाए उन्हें भरोसे में लेकर उनकी बात सुनें।

(मनोवैज्ञानिक डॉ. पीके खत्री से बातचीत पर आधारित)

इन नंबरों पर मिलेगी मदद

पुलिस : 100, हेल्पलाइन : 1090,
राज्य महिला आयोग : 0522-2305870,
राष्ट्रीय महिला आयोग : 91-1123-219750
सीबीएसई हेल्पलाइन : 1800118002

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पांच सौ की उगाही में सिपाही को दस साल की सजा।

आई आई एन डेस्क लखनऊ –

हरियाणा से यूपी घूमने आए एक परिवार से पांच सौ रूपये वसूलने पर एक सिपाही को सत्र न्यायालय दस साल की कैद की सजा सुनाई है 12 साल पुराने इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ध्रुव राज ने सोमवार को सिपाही से तीन हजार रुपये का हर्जाना वसूलने का भी आदेश दिया है। इस मामले में अब विभागीय जांच के बाद सिपाही की बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू होगी।

हरियाणा के सुखलाल अपने परिवार के साथ करीब 12 साल पहले अयोध्या घूमने आए थे। यहां से लौटते वक्त हजरतगंत में सिपाही दिवाकर सिंह ने उनकी गाड़ी का पीछा कर क्लार्क अवध होटल के पास उन्हें रोक लिया। सिपाही ने गाड़ी के कागजात मांगे तो चालक ने सभी पेपर दिखाए। बावजूद इसके दिवाकर सिंह ने उन्हें डरा-धमकाकर उनसे पांच सौ रुपये ऐंठ लिए। पैसा देने के बाद सुखलाल तत्काल एसएसपी के पास पहुंचे और शिकायत की। फिर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया।

सेवकों को मिलती है दोगुनी सजा

चंद रुपयों के लालच में अपने फर्ज और ईमानदारी को बेचने वाले लोक सेवकों को ऐसे मामलों में सामान्य जन की अपेक्षा दोगुनी सजा मिलती है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5(2) में लोक सेवकों द्वारा अवैध वसूली या ऐसे किसी भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर आम नागरिक की अपेक्षा अधिक सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा दंड नियमावली 1991 के तहत उनके खिलाफ विभागीय जांच कर उन्हें सेवा से निष्कासित किया जा सकता है।

यादा आया अलीगंज का दिलचस्प वाकया

वर्ष 2009 में एक ऐसा मामला सामने आया था जिसमें कोर्ट ने अलीगंज थाने की कुर्की का आदेश जारी कर दिया था। 1984 में व्यवसायी सुरेंद्र अवस्थी का ट्रक चोरी हो गया था। पुलिस ने पंजाब से ट्रक बरामद कर अलीगंज थाने में खड़ा कर दिया। मामले में तारीखें पड़ती गईं और पुलिस वाले ट्रक के पुर्जे बेचकर अपनी जेबें गरम करते रहे।

25 साल बाद मामले का फैसला हुआ लेकिन तब तक थाने में खड़े ट्रक की केवल चेसिस बची थी। ट्रक मालिक ने कोर्ट से ट्रक वापस दिलाने की अपील की तो थाने में रखा एक-एक सामान, यहां तक कि पुलिस की जीप तक, बेचने की नौबत आ गई। बाद में पीड़ित और पुलिस के बीच समझौता हुआ। पुर्जों की कीमत तत्कालीन इंस्पेक्टर और मालखाना इंचार्ज से वसूली गई।

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आई आई एन डेस्क लखनऊ –

उत्तर  प्रदेश सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण स्थलों एवं प्रतिष्ठानों को आम्र्स फ्री जोन घोषित किया गया है, जिनमें हथियार ले जाना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। गृह विभाग द्वारा इस संबंध में प्रदेश के समस्त जिला मजिस्ट्रेटो को आवश्यक निर्देश जारी किये गये है।
प्रमुख सचिव गृह श्री देबाशीष पण्डा ने उक्त जानकारी देते हुये बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद एवं लखनऊ खण्ड पीठ, सभी जिलों के अधीनस्थ न्यायालय, बैंक बीमा कार्यालय एवं डाकघर (जहां प्रचुर मात्रा में सार्वजनिक धन जमा होता है) को आम्र्स फ्री जोन बनाया गया है। कारागार, विधान भवन एवं उत्तर प्रदेश सचिवालय के सभी भवन, राजभवन व मुख्यमंत्री आवास को भी इसके दायरे में रखा गया है।
श्री पण्डा ने बताया कि आम्र्स फ्री जोन के अंर्तगत हवाई अड्डे यथा चैधरी चरण सिंह एयर पोर्ट लखनऊ, लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट वाराणसी, सिविल एयरपोर्ट चकेरी कानपुर, इलाहाबाद एयरपोर्ट, आगरा एयरपोर्ट, गोरखपुर एयरपोर्ट, इन्दिरा गांंधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी अमेठी, भविष्य में बनने वाले अन्य एयरपोर्ट को रखा गया है। इसी प्रकार धार्मिक स्थल यथा रामजन्म भूमि@बाबरी मस्जिद परिसर अयोध्या, काशी विश्वनाथ मन्दिर@ज्ञानवापी मस्जिद वाराणसी, कृष्ण जन्मभूमि@शाही ईदगाह मस्जिद मथुरा को भी आम्र्स फ्री जोन बनाया गया है।
प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि ताजमहल आगरा, सभी सिनेमा हाल, सभी शॉपिंग मॉल्स, समस्त शासकीय एवं निजी क्षेत्र के चिकित्सालय, शासकीय एवं निजी क्षेत्र के समस्त शिक्षण संस्थान प्राथमिक@माध्यमिक@विश्वविद्यालय, सरकारी अथवा निजी भवनों में स्थित समस्त सरकारी कार्यालय तथा सरकार द्वारा अधिसूचित सार्वजनिक पार्क को भी आम्र्स फ्री जोन घोषित किया गया है।
श्री पण्डा ने बताया कि भारत सरकार के असूचना ब्यूरो द्वारा चिन्हित कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान भी आम्र्स फ्री जोन घोषित किये गये है। यह प्रतिष्ठान है क्रमशः बुलंदशहर का नरौरा एटामिक पावर स्टेशन, गाजियाबाद का भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड, कानपुर की स्मॉल आम्र्स फैक्ट्री एवं डिफेन्स मेटेरियल्स एण्ड स्टोर्स रिसर्च एण्ड डेवलपमेनट इस्टेब्लिशमेन्ट, लखनऊ व कानपुर के हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड, सी0एस0एम0 नगर का हिन्दुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड, आगरा का एरियल डिलीवरी रिसर्च एण्ड डेवलपमेन्ट इस्टेब्लिशमेन्ट, गौतमबुद्धनगर का इण्डिया गवर्मेन्ट मिन्ट नोएडा, झांसी का भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, लखनऊ का दूरदर्शन केन्द्र, मथुरा का आई0ओ0सी0 रिफाइनरी टर्मिनल एण्ड एल0पी0जी0 प्लांट, वाराणसी का डीजल लोकोमोटिव वर्कशाप तथा गाजियाबाद के सेन्ट्रल इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड, साहिबाबाद सोनभद्र के सुपर थर्मल पावर स्टेशन रिहन्द,  पावर हाउस रिहन्द, अनपरा थर्मल पावर प्लांट तथा सुपर थर्मल पावर स्टेशन, सिंगरौली के अलावा रायबरेली का फिरोज गांधी ऊंचाहार थर्मल पावर प्रोजेक्ट, गौतमबुद्धनगर का नेशनल कैपिटल पावर प्रोजेक्ट, औरैया के गैस पावर स्टेशन, कम्प्रेसर स्टेशन, दिबियापुर ;ळ।प्स्द्ध एवं यू0पी0 पेट्रो केमिकल काम्प्लेक्स को आम्र्स फ्री जोन बनाया गया है।
प्रमुख सचिव गृृह ने बताया कि उक्त सभी स्थलों व प्रतिस्थानों में कार्यरत कर्मियों तथा सुरक्षा हेतु तैनात सुरक्षा कर्मियो और गार्डो पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

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आई आई एन डेस्क मुंबई – 

मुंबई में अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर पश्चिम बंगाल के दार्जलिंग से एक विधवा महिला को भिवंडी के रेड लाइट इलाके हनुमान टेकड़ी लाकर उसे एक सेक्सवर्कर के हाथों एक लाख रुपये में बेच दिया गया। हैवानियत की हद तोह तब हो गई जब जब उसे सेक्स के लिए एक ही रात में 35 पुरुषों को सौंप दिया गया

भिवंडी शहर पुलिस ने इस मामले में एक महिला दलाल को गिरफ्तार किया है जबकि अन्य चार दलालों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।सूत्रों के अनुसार, दार्जलिंग निवासी महिला दलाल अपनी मौसी के गांव की रहने वाली 24 वर्षीय एक विधवा महिला को अच्छी नौकरी दिलाने के बहाने 12 जनवरी को मुंबई लेकर आई थी। उसे मुंबई के नाहुर इलाके के एक विकलांग दलाल के घर रखा गया था। इस विकलांग दलाल के जरिए महिला ने अपनी सेहली दलाल और संजय दादा उर्फ अली के साथ मिलकर उसे एक महिला सेक्स वर्कर के हाथों एक लाख रुपये मे बेच दिया।

महिला ने विधवा को खरीदने के बाद शुक्रवार रात उसे 35 लोगों के साथ सेक्स करने के लिए मजबूर किया गया। विधवा महिला के साथ जब 35 लोगों ने जबरन शारीरिक संबंध बनाए तो उसकी तबियत बिगड़ गई। शनिवार को उसे एक स्थानीय निजी दवाखाने ले जाया गया। मौका पाकर उसने वहां से भागने की कोशिश की लेकिन वहां मौजूद दलालों ने उसे पकड़ लिया। वे उसे मारते हुए हनुमान टेकड़ी ले जाने लगे। इस पर उक्त महिला ने बचाने के लिए गुहार लगाई।

वहां मौजूद कुछ लोग उसे दलालों के चंगुल से छुड़ाकर भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन ले गए। काफी जद्दोजेहद के बाद भिवंडी शहर पुलिस ने मामले में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया। साथ ही विधवा को खरीदने वाले सेक्स वर्कर को भी गिरफ्तार कर रविवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे सात फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

 

ओपिनियन

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By Vipin Agnihotri With every passing day, Muslim youngsters are joining BJP. For them, the lure is a “slice of the development pie”. “There is...