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  आई आई एन डेस्क  त्रिशूर
केरल के बीड़ी बिजनसमैन मुहम्मद निशाम को पुलिस ने  अरेस्ट कर लिया। निशाम पर एक सिक्यॉरिटी गार्ड की हत्या की कोशिश का आरोप है। पुलिस के मुताबिक उन्होंने गार्ड को अपनी ‘हमर’ कार से रौंद कर मारने की कोशिश की थी। गार्ड का कुसूर बस इतना था कि उसे गेट खोलने में थोड़ी देर हो गई थी।

पुलिस ने बताया कि गार्ड चंद्रबोस(52 साल) को गहरी चोटें आई हैं। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। आरोपी निशाम तिरुनेलवेली बेस्ड बिजनसमैन है। वह केरल का प्रमुख टबैको बिजनसमैन हैं। इसके अलावा मिडिल ईस्ट देशों में उनका जूलरी और होटेल का भी कारोबार है। निशाम के पास एक से बढ़कर एक लग्जरी कारें हैं, जिनमें फरारी, जगुआर, रॉल्स रॉयस, रोड रेंजर और हमर शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह निशाम गुरुवार सुबह सोसायटी में आए। उस समय गार्ड से गेट खोलने में थोड़ी देर हो गई। इससे निशाम आग बबूला हो गए। पहले तो वह गार्ड पर चीखे फिर अपनी कार उसके पीछे दौड़ा दी। निशाम से बचने के लिए गार्ड गेट के पास लगे फव्वारे के पीछे भागा लेकिन निशाम ने उस पर अपनी हमर चढ़ा दी और दीवार की तरफ धक्का दिया। इतना ही नहीं, वह गार्ड पर लोहे की रॉड से हमला करते रहे। बाद में दूसरे सिक्यॉरिटी गार्ड्स ने उन्हें रोका।

पुलिस के मुताबिक, ‘निशाम पर कई आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं। उस पर केरल ऐन्टि सोशल ऐक्टिविटीज प्रिवेंशन ऐक्ट( KAAPA) के तहत भी केस दर्ज किया गया है।’ इससे पहले भी उनपर कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। अप्रैल,2013 में उन्होंने अपने नौ साल के बेटे को फरारी चलाने को दे दी थी, जिसके बाद उनपर पुलिस केस हुआ था। इसके अलावा उन्होंने एक महिला सब-इंस्पेक्टर को अपनी कार में लॉक भी कर दिया था।

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आई आई एन डेस्क लखनऊ –

उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मूर्तियां लगाने के विफल प्रयास के बाद अब हिन्दू महासभा देशभर के मंदिरों में गोडसे की मूर्ती लगाने की प्लानिंग कर रही है गौरतलब है कि हिंदू महासभा के मूर्तियां लगाने के प्रयास को यूपी पुलिस ने विफल कर दिया था !

मेरठ में नाथूराम गोडसे मूर्ति पर विवाद को लेकर जिला प्रशासन ने जिले में धारा 144 लगाई है हिंदू महासभा की घोषणा को देखते हुए पुलिस भी अलर्टहै

 

हिंदू महासभा शुक्रवार यानी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर ही गोडसे की मूर्तियों को लगाना चाहती है लेकिन अपने प्लान के बारे में कुछ कहना नहीं चाहती। महासभा ने फैसला किया है कि वह मूर्तियां लगाने के अपने प्रोग्राम का प्रचार नहीं करेगी क्योंकि उसे लगता है कि ज्यादा मीडिया कवरेज उसके में रुकावट बन सकती है।

महासभा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक देशभर के मंदिरों में जल्द ही गोडसे की मूर्तियां दिखेंगी। इसकी शुरुआत मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे हिंदी भाषी राज्यों के मंदिरों से होगी। उन्होंने यह भी बताया कि वे इलाहाबाद में हुए महाकुंभ मेले के दौरान सैकड़ों साधुओं से मिले थे और उन्होंने महासभा का साथ देने का भरोसा दिलाया था। अब महासभा इन्हीं साधुओं के सपॉर्ट से मंदिरों में मूर्तियां लगाने की प्लानिंग कर रही है। हालांकि उन्होंने यह साफ किया कि गोडसे की मूर्तियां मंदिर के मुख्य हिस्से में नहीं होंगी ताकि उन्हें हिंदू भगवानों के साथ जोड़कर न देखा जाए। हिंदू महासभा ने जयपुर में कलाकारों से करीब 500 मूर्तियों मंगवाई हैं।

बता दें कि हिंदू महासभा की ओर से सीतापुर जिले में गोडसे का मंदिर बनाने और मेरठ में गोडसे की मूर्ति लगाने की पब्लिक अनाउंसमेंट के बाद यूपी पुलिस ने दोनों ही जगहों को सील कर दिया था। अब महासभा ने अपनी योजना में बदलाव करते हुए यह फैसला किया है कि वह पहले देशभर में गोडसे की मूर्तियां लगाएगी और उसके बाद मीडिया को इस बारे में जानकारी दी जाएगी।

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आई आई एन डेस्क मुंबई – ठाणे जिले में एक उर्दू अखबार की संपादक शिरीन दलवी को फ्रांस की मैगजीन शार्ली एब्दो के विवादित कार्टूनों को छापने के आरोप में मुकदमा दर्ज करके बुधवार को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, उन्हें कल ही ठाणे की अदालत से जमानत मिल गई।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता नुरसत अली ने 15 दिन पहले उर्दू अखबार ‘अवधनामा’ की संपादक शिरीन दलवी के खिलाफ मुंब्रा पुलिस से शिकायत दर्ज कराई थी। नुरसत अली ने आरोप लगाया था कि शिरीन दलवी ने ‘शार्ली एब्दो’ में छपे कार्टूनों को अपने अखबार में फिर से छापा था।

चार दिन पहले राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के सदस्यों ने भी शिकायतकर्ता के साथ मिलकर मुंब्रा पुलिस स्टेशन में सीनियर इंस्पेक्टर को शिकायती पत्र दिया था और संपादक की गिरफ्तारी न होने पर थाने के बाहर आंदोलन की धमकी दी। शिरीन दलवी के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 ए के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच के बाद बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

मुंब्रा पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर ने बताया, ‘हमने महिला संपादक को गिरफ्तार करने के बाद ठाणे की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई और वह रिहा हो गईं।’

अखबार में कार्टून छपने के बाद मुंबई के उर्दू पत्रकार संघ ने भी दलवी की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस के अनुसार, कई अन्य पाठकों ने मुंबई और ठाणे में इस अखबार में शार्ली एब्दो के कार्टूनों को छापने पर शिकायत की थी।