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आई आई एन डेस्क हैदराबाद –

डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग लिमिटेड (डीसीएचएल) के चेयरमैन टी. वेंकटराम रेड्डी को सीबीआई ने लोन फ्रॉड के आरोप में शनिवार शाम को गिरफ्तार कर लिया। जिन बैंकों से डीसीएचएल और उनके चेयरमैन ने लोन लिया है उन्होंने उन पर फ्रॉड और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया है।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की बैंकिंग सिक्यॉरिटी से जुड़ी टीम शनिवार सुबह बेंगलुरु पहुंची और एजेंसी के कोटी हेडक्वॉटर्स में वेंकटराम से पूछताछ करने लगी। शाम 5 बजे सीबीआई ने डीसीएचएल के चेयरमैन की गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्हें मैजिस्ट्रेट के सामने पेश करने से पहले सीबीआई के वाहन में ओस्मानिया जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया।

वेंकटराम को या तो जेल भेजा जा सकता है या फिर उन्हें सीबीआई अपनी कस्टडी में रख सकती है।

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आई आई एन डेस्क तिरुवनंतपुरम –
सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में पूर्व कैग चीफ विनोद राय ने कहा है कि केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर से 266 किलोग्राम सोना गायब है। विनोद राय ने सुप्रीम कोर्ट को ऑडिट रिपोर्ट सौंपी है। मीडिया को मिली रिपोर्ट के मुताबिक कुल 893 किलोग्राम सोने में से 627 किलोग्राम ही मंदिर के कब्जे में है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल विनोद राय से मंदिर के अंकाउंट को ऑडिट करने के लिए कहा था।

पिछले साल अप्रैल में जस्टिस लोढ़ा और जस्टिस एके पटनायक की बेंच ने कैग प्रमुख विनोद राय से मंदिर की संपत्ति का ऑडिट करने के लिए कहा था। इस ऑडिट में पिछले 25 सालों के अकाउंट को शामिल करने के लिए कहा गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश गोपाल सुब्रमण्यम की सिफारिश पर दिया था। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने पांच सदस्यों वाली कमिटी बनाने का भी निर्देश दिया था। इसमें एक जज, मंदिर के तांत्री, श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के चीफ नांबी(पुजारी) के साथ दो और सदस्यों को शामिल करने का निर्देश था। इसमें एक सदस्य को राज्य सरकार के परामर्श और दूसरे सदस्य की नियुक्ति जज को अपने मन से करना था। जुलाई 2011 में मंदिर के 6 कक्ष गिरने के बाद सुप्रीम कोर्ट हरकत में आया था। पांच कक्षों में ही 100,000 करोड़ की संपत्ति थी। इसके बाद से मंदिर के चारों तरफ हथियारंबद सुरक्षाकर्मियों को लगा दिया गया था।

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आई आए एन डेस्क अहमदाबाद-
यहां के ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में 2002 के गोधरा बाद हुए दंगों में आरोपी 68 लोगों को बरी कर दिया। ये सभी बनासकांठा जिले की देवदार तहसील के शेषण गांव में हुए दंगों में आरोपी बनाए गए थे। इस गांव में हुई हिंसा में 2 बच्चों समेत 14 लोग मारे गए थे।

देवदार के अडिशनल डिस्ट्रिक्ट ऐंड सेशंस जज वी. के. पुजारा ने कहा कि गवाहों के बयान इस मामले में पेश अन्य सबूतों को सपोर्ट नहीं कर रहे हैं। इस मामले में कोर्ट में 190 गवाहों को पेश किया गया था। केस में पहली चार्जशीट 2002 में फाइल की गई थी, बाद में एक-एक करके 12 सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर की गई हैं।

इस मामले में जिरह के दौरान सरकारी गवाहों ने तर्क दिए कि सभी आरोपी 14 लोगों की हत्याओं में शामिल रहे हैं। लेकिन बचाव पक्ष ने दिखाया कि इस मामले में पेश गवाह पहचान परेड में किसी आरोपी को पहचान नहीं सके। पुलिस की मानें तो 5000 लोगों की भीड़ ने तलवारों से लैस होकर 2 मार्च, 2002 को हमला किया था।

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आई आए एन डेस्क रोहतक-
बर्बर गैंग रेप की पूरी कहानी का खुलासा करते हुए 4 आरोपियों ने रेप के गुनाह कबूल लिए हैं। इस गैंग के नौवें आरोपी के बारे में खबर है कि उसने दिल्ली के बवाना इलाके में खुदकुशी कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष नेपाली, राजेश उर्फ घुचडु, सुनील उर्फ शीला, सरवार उर्फ बिल्लू, मनवीर, सुनील उर्फ माता, पवन और प्रमोद उर्फ पद्म के रूप में हुई है। इन सभी 8 आरोपियों को 8 दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इन आठों में से चार आरोपियों ने गुनाह को कबूला है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने गुनाह कबूलते हुए बताया कि उन्होंने पहले महिला के साथ रेप किया। रेप के दौरान जब पीड़िता बेहोश हो गई तो उस पर ईंट से हमला बोला। इनमें से एक आरोपी पीड़िता को बांहों में दबाए हुए था और इसी दौरान दो अन्य उसके पैर खींच रहे थे। राजेश ने तभी नुकीले पत्थर से महिला के प्राइवेट पार्ट पर हमला बोला। सूत्रों के मुताबिक ब्लेड के अलावा दो पत्थर भी प्राइवेट पार्ट में इन्होंने डाल दिए।

एक आरोपी ने पुलिस से पूछाताछ के दौरान कहा, ‘पता नहीं क्या हो गया था हमें। दिमाग ही काम नहीं कर रहा था। जो हुआ वो नशे में हुआ और होता चला गया। बावले पानी ने पागल कर दिया। बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी साहब।’

दूसरे अभियुक्त ने कहा कि शुरुआत में महिला की हत्या की योजना नहीं थी लेकिन बाद में हमें कुछ पता ही नहीं चला। उसने कहा, ‘हम उसकी हत्या नहीं करना चाहते थे। हम इंजॉय करना चाहते थे। पता नहीं सब कुछ कैसे हो गया।’

इन आरोपियों पर महिला की दोनों बांह काटने के भी आरोप हैं। पुलिस इसके लिए सबूत जुटाने में लगी है। बुरी तरह से क्षतिग्रस्त महिला की बॉडी से दोनों बांह गायब थीं। पुलिस ने कहा कि महिला की बॉडी में पेट और सिर के बीच का मांस नहीं था। गड्डी खेड़ी गांव के लोगों ने महिला की बची देह कुत्तों को खाते देखा था। पुलिस ने आठों अभियुक्तों को मंगलवार के दिन कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया था। पुलिस इस बर्बर रेप में सभी सबूतों को जुटाने में लगी है।

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आई आए एन डेस्क  मुंबई –
पुणे के रहने वाले ऐनालिस्ट जिन्होंने कथित रूप से बॉलिवुड अभिनेता सलमान खान के खून के नमूने की जांच कर उनके खून में तय मात्रा से दोगुना ऐल्कॉहॉल मिलने की बात कही थी, के लिए अदालत में बचाव पक्ष के सवालों के दौरान ‘होश’ में रह पाना भी मुश्किल हो रहा था। इसके साथ ही कई सवालों के जवाब उन्हें याद भी नहीं थे।

जब सलमान खान के वकील शशिकांत शिवड़े ने उनसे कुछ तकनीकी सवाल पूछे तो 60 वर्षीय पुणे के रहने वाले डी के बालाशंकर ने जज डी. डब्ल्यू. देशपांडे की ओर मुखातिब होते हुए धीरे से कहा, ‘मेरे रिटायर होने में सिर्फ 16 दिन बचे हैं। वह बहुत सवाल पूछ रहे हैं। इससे मैं कंफ्यूज हो रहा हूं। मेरी तबीयत भी ठीक नहीं हैं।’

जब लंच ब्रेक के बाद दोपहर 2 बजकर 50 मिनट पर अदालत की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई, तो बालाशंकर ने कोर्ट को बताया कि वह विटनस बॉक्स में खड़े-खड़े थक गए हैं और उन्हें बैठने की इजाजत मांगी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

एक सवाल के बाद ऐनालिस्ट ने अपनी आंखें बंद कर लीं। इस पर विशेष सरकारी वकील ने कहा कि गवाह सो रहा है सर, प्लीज उसे खड़ा रहने को कहा जाए। बालाशंकर ने अदालत को पहले बताया था कि सलमान खान के ब्लड सैंपल में 62 मिलीग्राम ऐल्कॉहॉल मिला था, जो मान्य मात्रा से दोगुना है।

एक अन्य मौके पर जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बता सकते हैं कि एक दिन में वह कितने रक्त नमूनों की जांच करते हैं तो बालाशंकर ने ऐसा बता पाने में असमर्थतता जतायी।

4-5 घंटे की जिरह में पता चला कि केस के कागजात के मुताबिक जांच के लिए 6 एमएल खून भेजा गया था, लेकिन केवल 4 एमएल की ही जांच हुई। बालाशंकर ने बताया कि खून कम होने की बात उन्होंने किसी को नहीं बताई थी। मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी। बालाशंकर ने ही कथित रूप से सलमान के रक्त नमूनों की जांच करने के बाद यह बताया था कि उनके रक्त में मिले ऐल्कॉहॉल की मात्रा मान्य से दोगुनी थी।

सलमान पर आरोप है कि उन्होंने 28 सितंबर 2002 को शराब पीकर अपनी कार से फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचल दिया था। इस घटना में एक की मौत हो गई थी, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

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आई आई एन डेस्क नई दिल्ली –

गुलबर्ग सोसाइटी फंड गबन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोशल ऐक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है । इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।

गुजरात हाई कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति की अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में सीनियर ऐडवोकेट कपिल सिब्बल ने मामले को उठाया था। तीस्ता के वकील सिब्बल और प्रशांत भूषण ने मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाते हुए कहा था कि यह असाधारण परिस्थिति है और ऐसे में मामले की तुरंत सुनवाई की जानी चाहिए।

गुरुवार को कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख तय करते हुए तब तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। शुक्रवार को भी सुप्रीम कोर्ट से तीस्ता को राहत मिली और उनकी गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी गई। मामले की सुनवाई के लिए 19 फरवरी का दिन तय किया गया है।

हाईकोर्ट की सख्ती
इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट के जस्टिस जे.बी. परदीवाला ने अपने फैसले में कहा था कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और प्रथम नजर में ऐसा लग रहा है कि इन लोगों ने ट्रस्ट के फंड का इस्तेमाल निजी कामों के लिए किया, इसलिए इन्हें अग्रिम जमानत का सुरक्षा कवच नहीं दिया जा सकता है। तीस्ता ने अनुरोध किया था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट में अपील का मौका देते हुए आदेश पर रोक लगाई जाए।

यह था मामला
2002 में दंगों में तबाह हुई गुलबर्ग सोसायटी के एक म्यूजियम के फंड का कथित तौर पर गोलमाल के मामले में जांच में तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा जांच में सहयोग न करने का आरोप है। गुजरात दंगे में मारे गए पूर्व कांग्रेस सांसद अहसान जाफरी के बेटे तनवीर जाफरी और गुलबर्ग सोसायटी के निवासी फिरोज गुलजार भी इस मामले में आरोपी हैं।

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आई आई एन डेस्क इलाहाबाद-
उत्तर प्रदेश की एक अदालत में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन पर भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया गया है।

जुडिशल मैजिस्ट्रेट नीलिमा सिंह ने इस मामले पर सुनवाई के लिए 18 फरवरी की तारीख तय की है। यह केस सुशील कुमार मिश्रा नाम के वकील ने दर्ज किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ओबामा का बयान कि भारत में धार्मिक असहिष्णुता है, धर्म निरपेक्ष देश भारत की छवि को धूमिल करता है।

उन्होंने अपील किया है कि ओबामा को समन भेजा जाए और उन पर मानहानि के लिए मुकदमा चलाया जाए।

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आई आई एन डेस्क नई दिल्ली –

साउथ वेस्ट दिल्ली के बिंदापुर इलाके में एक डीयू स्टूडेंट पर ब्लेड से हमला किया गया है। चेहरे पर मारी गई ब्लेड की वजह से स्टूडेंट को तीन दर्जन से ज्यादा टांके लगे हैं। मुलजिम अभी तक बिंदापुर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। शुरुआती तफ्तीश में पता चला है कि हमला एक तरफा प्यार में किया गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, स्टूडेंट डिमांड ड्राफ्ट बनवाने के लिए सुबह 11 बजे घर से निकली थी। जब वह उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचीं, तो एक लड़का उनके सामने आ गया और उनके चेहरे के दायीं तरफ ब्लेड मार दी। इसके बाद छात्रा ने कहा कि वह उस पर एसिड फेंक देगा।

खबर है कि इस सिलसिले में पुलिस से शिकायत भी की गई थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ब्लेड छात्रा के चेहरे के दायीं ओर मारी गई है। आरोपी अभी तक कानून के शिकंजे में नहीं आ पाया है। बताया गया है कि वह लंबे वक्त से लड़की को परेशान कर रहा था, एकतरफा प्यार को छात्रा ने स्वीकार नहीं किया और इस खुन्दक में आरोपी ने ब्लेड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

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आई आई एन डेस्क मेरठ –

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एलएलबी की छात्रा के टेस्ट टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए मन करने उसका रेप करने ,सड़कों पर पिटवाने और कपड़े फाड़ने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्रा मेरठ के एक गेस्ट हाउस में काम भी करती थी और इस गेस्ट हाउस का मालिक उस पर टेस्ट टेयूब से बच्चा पैदा करने का दबाव बना रहा था।

इससे इनकार करने पर उसने युवती के साथ रेप किया और उसे सड़कों पर सरेआम पिटवाया। इस दौरान युवती के कपड़े भी फट गए और लोग तमाशबीन बने देखते रहे।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक युवती चार दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही। इसके बाद युवती के एसएसपी आवास में शिकायत करने पर पुलिस ने केस दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। युवती का मेडिकल टेस्ट भी कराया गया है।

युवती का आरोप है कि गेस्ट हाउस के मालिक सुभाष भारती ने उससे अनैतिक संबंध बनाए और टेस्ट ट्यूब से बच्चा पैदा करने का दबाव बनाया। युवती के इससे इनकार करने पर भी उस पर अनैतिक संबंधों का दबाव बनाया जाता रहा।

युवती के मुताबिक, तीन फरवरी को गेस्ट हाउस वाली बिल्डिंग में ही चल रहे अमन हास्पिटल का संचालक कुछ लोगों के साथ वहां आया। उन्होंने युवती पर जानलेवा हमला किया और कपड़े भी फाड़ डाले। ये लोग युवती को घसीटते हुए सड़क पर ले आए। युवती ने बताया कि हत्या करने के इरादे से उसे कार में डाला गया, लेकिन चीख-पुकार सुनकर लोग जमा होने लगे तो आरोपी उसे चलती कार से फेंक कर फरार हो गए। इसी दौरान एक शख्स ने मोबाइल फोन से कुछ फोटो भी ले लिए।

इसके बाद गेस्ट हाउस मालिक ने मामला मैनेज करने के लिए युवती को अस्पताल में भर्ती कराया और एफआईआर दर्ज न करने का दबाव भी बनाया। रविवार को युवती ने स्थानीय छात्र नेता विनीत चपराणा, हिंदू संगठन नेता राहुल ठाकुर आदि से संपर्क किया। ये लोग युवती को साथ लेकर एसएसपी आवास पहुंचे। पीड़िता ने बताया कि घटना के समय एक थाने का सिपाही मौके पर ही मौजूद था, पर उसने मामले को दबाने की कोशिश की। पुलिस ने गेस्ट हाउस मालिक, अस्पताल मालिक और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

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आई आई एन डेस्क लखनऊ –
लखनऊ में पिछले हफ्ते लॉ स्टूडेंट गौरी की सनसनीखेज मर्डर का खुलासा करते हुए रविवार को इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया ।

डीजीपी अरविंद कुमार जैन ने मीडिया को बताया कि अमीनाबाद की गौरी निवासी लड़की की हत्या के बाद शव के 17 टुकड़े कर दिए गए थे। गौरी की डेड बॉडी के टुकड़ों को एसजीपीजीआई इलाके के चिरैयाबाग गांव के पास फेंक दिया गया था और इस मामले में हिमांशु प्रजापति (23 साल) और उसके दोस्त अनुज कुमार गौतम को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने दावा किया कि हिमांशु ने अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया था। उसने पहले तो लड़की की गला दबाकर हत्या की और फिर आरी से शव के 17 टुकड़े कर डाले। जैन ने बताया कि हिमांशु पिछले करीब डेढ़ साल से उस लड़की को जानता था और वे वॉट्सऐप के जरिए लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। हिमांशु उस लड़की के मोबाइल फोन पर उसके दूसरे दोस्तों के मेसेज और उनके साथ फोटो देखकर आपा खो बैठा था।

खुद हिमांशु ने मीडिया के सामने कबूला कि वह गौरी से प्यार करने लगा था, लेकिन जब उसने उसके फोन पर दूसरे लड़कों के मेसेज और फोटो देखे तो वह गुस्से से पागल हो गया।

गुस्से में आकर उसने लड़की का गला दबा दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना से वह घबरा गया और बाजार से आरी लाकर उसके शव के टुकड़े कर दिए और उन्हें फेंक दिया।

ओपिनियन

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Four Professors of IIT-Kanpur got a reprieve from the Allahabad High Court on Wednesday when it stayed action against them in connection with harassment...

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