रीजनल

आई आई इन डेस्क मुंबई –

बीजेपी सरकार में शामिल होने के बाद भी शिवसेना राज्य सरकार पर ताने कसने और उसे सरे बाजार शर्मिंदा करने का कोई मौका चूक नहीं रही। ताजा मामला है विदर्भ में 24 घंटे में पांच किसानों की आत्महत्या का। इस मामले में शिवसेना ने सरकार को निशाना बनाया है।

सरकार बदली, किसानों की किस्मत नहीं

पार्टी के मुखपत्र के जरिए उद्धव ठाकरे ने सरकार से सवाल किया है विदर्भ के सुपुत्र देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसलिए यह उम्मीद की जा रही थी कि अब विदर्भ के किसानों को न्याय मिलेगा लेकिन पिछले 24 घंटे में पांच किसानों ने तड़प-तड़प कर जान दे दी। इसलिए सरकार बदलने का कोई असर विदर्भ के किसानों के जीवन पर पड़ा हो, यह नजर नहीं आता।

जिम्मेदारी किसकी?

मुख्यमंत्री ने दावोस में उद्योगपतियों के सम्मेलन में महाराष्ट्र का नेतृत्व किया। वहां महाराष्ट्र का डंका बजने की खबरों के बीच यहां विदर्भ में किसान जहर पीकर आत्महत्या कर रहे हैं। उद्धव ने सवाल उठाया है कि चुनाव के दौरान किसानों से जो बड़े-बड़े वादे किए गए थे, उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी किसकी है?

अलग विदर्भ पर तंज

उद्धव ठाकरे ने बीजेपी की अलग विदर्भ की मांग पर भी चुटकी ली। उन्होंने कहा, ‘अगर अब भी कोई यह कहता है कि अलग विदर्भ बना तो किसानों की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी, सोयाबीन और कपास की खेती पर आसमानी और सुल्तानी संकट नहीं आएंगे, कपास जिसे विदर्भ का सफेद सोना कहा जाता है को मुंह मांगा दाम मिलेगा तो वह किसानों को गुमराह करेगा।’

शराबबंदी की, आत्महत्याबंदी कब?

उद्धव ने कहा कि पहले की सरकार किसानों को छल रही थी इसलिए विदर्भ के किसानों ने सरकार बदल डाली और बीजेपी के पक्ष में एकतरफा मतदान किया। किसान चाहे किसी भी क्षेत्र का हो, वह महाराष्ट्र का है और किसानों को सम्मानित जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मदारी है। विदर्भ में मंत्री ने शराबबंदी की घोषणा की है। इसके साथ ही अगर सरकार आत्महत्याबंदी की घोषणा करे तो सरकार को किसानों और उनके परिजन की दुआएं मिलेंगी।

एकनाथ खडसे पर भी वार

उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिन किसानों ने आत्महत्या की है वे जहर पीकर मरे हैं, शराब पीकर नहीं और उनके पास मोबाइल भी नहीं थे। इसलिए अब कोई यह नहीं कह सकता कि मोबाइल के बिल भरने के पैसे हैं, तो कर्ज की किश्त भरने में क्या जाता है?

0 325

आई आई एन डेस्कफर्रुखाबाद– आध्यात्मिक धर्मगुरु दलाई लामा शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद में स्थित बौद्घ धार्मिक स्थल संकिसा पहुंचे। वह शनिवार को संकिसा में आयोजित बौद्घिक संवर्ग को संबोधित करेंगे।

वह विशेष विमान से शुक्रवार सुबह मोहम्मदाबाद स्थित हवाई पट्टी पर उतरे। उसके बाद विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार से संकिसा गए। वहां उन्होंने बौद्घ स्तूप पर पूजा अर्चना की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका और जापान प्रगतिशील देश हैं। तीनों की दोस्ती से विकास होगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत यात्रा से अच्छे परिणाम आने की उम्मीद है। आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि है। वह अहिंसा के पुजारी थे। दलाई लामा ने कहा, ”मैं व्यक्तिगत रूप से महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला का समर्थक हूं।” उन्होंने बताया कि वह 55 वर्ष पूर्व संकिसा आए थे, तब से अब काफी विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि संकिसा का विकास होने से लोगों को लाभ मिलेगा।

0 343

हेल्थ मंत्री ने अपने से 53 साल छोटी नर्स किया विवाह

इंफाल
मणिपुर में 77 साल के मंत्री ने 24 साल की नर्सिंग ग्रैजुएट से शादी की है। मुश्किल से तीन महीने पहले बांग्लादेश में भी एक मंत्री ने खुद से 38 साल छोटी महिला से शादी की थी। मणिपुर के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री फुंगजाथांग तोसिंग ने शुक्रवार को थांगंगाइसांग से शादी रचाई। इस शादी समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह समेत कई हस्तियां शामिल हुईं। शादी मणिपुर की राजधानी इंफाल के एक बाप्टिस्ट चर्च में संपन्न हुई। मंत्री की यह दूसरी शादी है।

दुल्हन अपने पति से 53 साल छोटी है। चुराचांदपुर जिले में न्यू लमका की रहने वाली थांगंगाइसांग के पिता का नाम टी खामजोदू है। चुराचांदपुर के स्थानीय लोगों का कहना है कि इस शादी पर परिवार वालों की सहमति थी। मंत्री को भी साथी की जरूरत थी क्योंकि उनके सारे बेटे राज्य से बाहर रहते हैं। पिछले साल के नंवबर में बांग्लादेश के रेल मंत्री मुजिबुल हक(67) ने 29 साल की होनुफा अख्तर रिक्ता से शादी रचाई थी। हालांकि यह हक की पहली शादी थी।

0 314

बैतूल : सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के बाद द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। सरस्वती ने कहा है कि मोदी का अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को चाय बनाकर पिलाना देश का अपमान है। मध्य प्रदेश के बैतूल में धर्म संसद में हिस्सा लेने आए शंकराचार्य ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए ओबामा द्वारा धर्म को लेकर भारत को दी गई सीख के सवाल पर कहा कि ओबामा हमें नसीहत न दें बल्कि पहले अपने धर्मगुरु को धर्म के आधार पर बंटवारे का प्रचार करने से रोकें।

उन्होंने कहा कि ओबामा का भारत को नसीहत देना देश का अपमान है। भले ही नरेंद्र मोदी पहले गरीब थे और चाय बेचते थे, लेकिन अब भारत के प्रधानमंत्री हैं और ओबामा अमेरिकन हैं। भारत इतना गरीब देश नहीं है कि वह ओबामा को चाय बनाकर पिलाए, यह अपमान किया है। शंकराचार्य ने एक सवाल के जवाब में कहा कि साईं न तो ईश्वर है, न संत है और न ही गुरु है। हिन्दुओं को साईं के नाम पर फैलाए जा रहे पाखंड से बचना होगा तभी सनातन धर्म की रक्षा होगी।

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नए साल पर शिरडी जाने को लेकर भी शंकराचार्य ने उन्हें आड़े हाथों लिया है। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि शिरडी जाने से भले ही वे देश के प्रधानमंत्री बन जाएं लेकिन उनका परलोक नहीं सुधर सकता। शंकराचार्य ने सनातन धर्म के कमजोर होने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि सनातन धर्म कमजोर नहीं हो रहा बल्कि उसके अनुयायी कमजोर हो रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर साईं के नाम पर पाखंड फैलाया जा रहा है। धर्म संसद के माध्यम से सनातन धर्म के अनुयायियों को धर्म की रक्षा और पाखंड का मुकाबला करने में सबल बनाया जा रहा है।

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने देश में हिन्दू धर्म का खिलवाड़ करने वाली फिल्मों को लेकर सेंसर बोर्ड को भी आडेे हाथों ले लिया। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड कुछ लेकर ऐसी फिल्मों को अनुमति दे रहा है जो हिन्दू धर्म का अपमान कर रही हैं। बैतूल के बालाजीपुरम में साईं विवाद को लेकर आयोजित धर्म संसद में गुरुवार को सभी ने पुरजोर तरीके से साईं पूजा बंद करने की बात कही।

ओपिनियन

0 3
Four Professors of IIT-Kanpur got a reprieve from the Allahabad High Court on Wednesday when it stayed action against them in connection with harassment...

स्वास्थ्य