राजनीति

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आई आई एन डेस्क नई दिल्ली –

जयंती नटराजन के ‘लेटर बम’ के बाद कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बचाव में उतर आई है। राहुल पर लगाए गए गंभीर आरोपों से बौखलाई कांग्रेस ने जयंती पर जवाबी हमला बोला। यूपी सरकार में पर्यावरण मंत्री रहीं नटराजन ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए शुक्रवार को पार्टी छोड़ दी थी।

 

राहुल गांधी पर नटराजन ने लगाए गंभीर आरोप       

 

                                                                                            

स्नूपगेट पर जबरन बयान दिलाने के जयंती के आरोपों पर सिंघवी ने कहा कि इस बारे में पार्टी कि विचारधारा बिल्कुल स्पष्ट रही है। कांग्रेस के घोषणापत्र में भी इस पर पार्टी की राय साफ है। यूपीए का कोई मंत्री उसका क्रियान्यवनय करता है, तो उसमें उलझन की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि स्नूपगेट मामले में नटराजन सहित कांग्रेस की चार महिला नेताओं ने एक साथ बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। यह सिर्फ नटराजन को नहीं कहा गया था। प्रवक्ता का यही काम है, इस पर आपत्ति क्या थी? अगर उन्हें आपत्ति ही थी तो वह मंत्री और प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे देतीं।

सिंघवी ने कहा कि जयंती ने नियमागिरी के बारे में जो कुछ कहा है, वह तथ्यों के आधार पर गलत है। राहुल गांधी जयंती के मंत्री बनने से पहले ही नियमागिरी गए थे।

 

जयंती नटराजन के लेटर बम पर राहुल को घेरेगी बीजेपी

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने जयंती को अवसरवादी बताते हुए उनके आरोपों को तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि जयंती नटराजन को उन्हें मंत्री पद से हटाए जाने की वजह ‘जयंती टैक्स’ कहने वालों से पूछनी चाहिए। सिंघवी ने कहा कि जयंती ने यह सब बीजेपी के इशारे पर कर किया है। दिल्ली चुनावों में मसाला तैयार करने के लिए यह सब किया गया है।

पार्टी ने कहा था मोदी पर हमला करो :जयन्ती  नटराजन   

     

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने शुक्रवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जयंती के आरोपों को एक-एक कर खारिज किया। उन्होंने जयंती पर तीखे कटाक्ष भी किए। सिंघवी ने कहा, ‘जयंती नटराजन ने बिना लोकसभा चुनाव लड़े चार कार्यकाल सांसद के रूप में बिताए, उन्होंने अब इस प्रकार के अवसरवादी और आंडबर से ओत-प्रोत आरोप लगाए हैं। मैं समझता हूं कि पूरी दुनिया में नटराजन ही होंगी, जो अपने को हटाने का कारण नहीं जानतीं।’ बता दें नटराजन ने उन्हें यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री पद से हटाने को लेकर राहुल पर आरोप लगाए थे।

 

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आई आई एन डेस्क नई दिल्ली – केंद्र सरकार में वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए 5 सवालों की दूसरी किश्त पेश की। सीतारमन ने कहा कि केजरीवाल ने अब तक पिछले सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनता उनके जवाब सुनकर ही वोट दे।

सीतारमन ने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि हम पुराने सवाल उठा रहे हैं, लेकिन हम वही सवाल पूछ रहे हैं जिनके जवाब ‘आप’ ने अब तक नहीं दिए हैं।

उन्होंने केजरीवाल और अन्य आप नेताओं के तंज पर पलटवार करते हुए कहा, ‘हम 100 से भी ज्यादा सवाल पूछेंगे। इसे हल्के में न लेते हुए गंभीरता से जवाब दें। बीजेपी कभी डिबेट से नहीं भागती। आम आदमी पार्टी का डीएनए बहस नहीं बल्कि मुद्दों से भागना है।’

 निर्मला सीतारमण 

नीचे पढ़िए भाजपा के 5 सवालों की दूसरी किश्त-

1. आम आदमी पार्टी जो कैंपेन चला रही है, जिस तरह से वोट मांग रही है, उसे देखकर लगता है कि उसका काम आउटसोर्स हो गया है। क्या समर्थन करने के लिए आपको वॉलनटिअर्स दिल्ली में नहीं मिल रहे हैं? बांग्लादेश, दुबई से वोट मांगने के लिए फोन क्यों किए जा रहे हैं? भारत विरोधी तत्वों से मिलकर दिल्ली में कैंपेन क्यों चला रही है?

2. चुनाव के चंदे का हिराब क्यों नहीं देती आम आदमी पार्टी? सीतारमन ने आरोप भी लगाया कि आम आदमी पार्टी देश के बाहर से फंड ले रही है।

3. आम आदमी पार्टी से महिला नेताओं का पलायन हो रहा है। पार्टी महिला विरोधी क्यों है?

4. चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं का अपमान क्यों करती है ‘आप’? पार्टी चुनाव आयोग के आदेश को क्यों नहीं मानती?

5. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में लोकायुक्त को मजबूत क्यों नहीं बनाया?

 

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने सरकारी ठेका लेने के आरोप में दोषी पाए गए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक उमाशंकर सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बजरंग बहादुर सिंह की सदस्यता रद्द करने के आदेश दिए हैं। भारत निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर राज्यपाल ने उमाशंकर को उनके विधायक निर्वाचित होने की तिथि छह मार्च 2012 से और बजरंग को ठेका लेने की तिथि 15 अक्टूबर 2012 से विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया है।

नाइक ने अपने आदेश की प्रति भारत निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेज दिया। उन्होंने मुख्य सचिव को सदस्यता समाप्ति के आदेश को राजकीय गजट में अविलम्ब प्रकाशित कराए जाने के भी निर्देश दिए।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त न्यायमूर्ति एन.के. मेहरोत्रा ने सरकारी ठेका लेने के आरोप में रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर तथा फरेन्दा के विधायक बजरंग को दोषी पाते हुए मुख्यमंत्री को अपनी जांच रिपोर्ट पेश की थी, जिसे मुख्यमंत्री ने आगे राज्यपाल को भेज दिया था।

राज्यपाल ने इस मामले पर निर्वाचन आयोग की राय मांगी थी। निर्वाचन आयोग की राय तीन जनवरी 2015 को मिलने के बाद दोनों विधायकों ने राज्यपाल के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए समय की मांग की थी, जिसे स्वीकारते हुए राज्यपाल ने दोनों विधायकों से 16 जनवरी 2015 को अलग-अलग मुलाकात कर उनका पक्ष सुना था।

उमाशंकर वर्ष 2009 से सरकार से ठेका लेकर सड़क निर्माण का कार्य करते आ रहे थे, जबकि बजरंग बहादुर को विधायक निर्वाचित होने के बाद 15 अक्टूबर, 2012 को सड़क निर्माण का ठेका मिला था।

ओपिनियन

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