टेक्नोलॉजी

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आई आई इन डेस्क-

अभी इस बारे में कोई आधिकारिक पुष्टिकरण नहीं आया है। लेकिन इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक सैमसंग मार्च 2 से 6 तक होने वाली मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में इस फोन पर से परदा उठाएगी। इस बारे में जब सैमसंग इंडिया के प्रवक्ता से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

गैलक्सी S6, जिसका बेसब्री से इंतजार किया गया है, सैमसंग के मौजूदा फ्लैगशिप स्मार्टफोन गैलक्सी S5 का सक्सेसर होगा। माना जा रहा है कि यह फोन गैलक्सी S5 से काफी ज्यादा अड्वांस्ड होगा। पिछले साल मार्च में लॉन्च किये गए गैलक्सी S5 से सैमसंग को बड़ी निराशा हाथ लगी थी। गैलक्सी S5 से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 6 महीने बाद ही सैमसंग ने मेटैलिक बॉडी वाला गैलक्सी अल्फा स्मार्टफोन लॉन्च किया था।

उम्मीद है कि सैमसंग इसी मेटैलिक डिजाइन को गैलक्सी S6 में भी कायम रखेगा और इस स्मार्टफोन में 2K (1440×2560 पिक्सल) स्क्रीन होगी। गैलक्सी नोट एज के डिजाइन को ध्यान में रखकर सैमसंग कथित रूप से गैलक्सी S6 के कर्व्ड स्क्रीन वर्शन पर भी काम कर रहा है।

इस फोन में प्रोसेसर कौन-सा होगा इसपर अभी स्थिति साफ नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सैमसंग जिस टॉप-एंड क्वालकॉम चिप की टेस्टिंग कर रही है उसमें हीटिंग की समस्या सामने आ रही है।

अगर ये रिपोर्ट्स सही हैं, तो हो सकता है कि सैमसंग अपने Exynos चिप का इंटरनैशनल वेरियंट यूड करे। यह चिप कथित रूप से 64 बिट आर्किटेक्चर पर डिजाइन की गई है। आमतौर पर सैमसंग यह चिप 3G डॉमिनेंट मार्केट्स में बेचता है।

इसके अलावा सैमसंग गैलक्सी S6 में 20 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा, फास्ट 4G रेडियो, 32 और 64 जीबी स्टोरेज ऑपशन्स और माइक्रोएसडी कार्ड सपोर्ट होने की उम्मीद है। साथ ही इसकी बैटरी कपैसिटी 3000mAh या उससे ज्यादा भी हो सकती है।

सुनने में आया है कि सैमसंग इस फोन को एक्स्ट्रा फंक्शनैलिटी देने के लिए ऐड-ऑन बैक पैनल्स देने पर भी काम कर रहा है। माना जा रहा है कि एक बैक पैनल में जहां ई-बुक रीडर डिवेलप हो रहा है, वहीं दूसरे में S हेल्थ फीचर बैक पर देने की तैयारी है।

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नई दिल्ली। पांच हजार किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक मार करने वाली भारत की सबसे ताकतवर परमाणु मिसाइल अग्नि-5 का आज फिर कामयाब टेस्ट किया गया, आज ओडिशा के नजदीक व्हीलर द्वीप से अग्नि मिसाइल छोड़ा गया। इस मिसाइल के सफल परीक्षण से सुरक्षा बलों को और मजबूती मिलेगी।

डेढ़ टन का हथियार ढोने की क्षमता वाली इस मिसाइल को डीआरडीओ ने विकसित किया है। इस मिसाइल का पहला कामयाब टेस्ट पिछले साल 19 अप्रैल 2012 को हुआ था। अग्नि-5 के साथ भारत दुनिया के चुनिंदा छह देशों में शामिल हो गया है जिनके पास 5 हजार से ज्यादा दूर तक मार करने वाली मिसाइल हैं। इस मिसाइल को इसी साल सेना को सौंपने की योजना है। मिसाइल की जद में पूरे चीन से लेकर यूरोप तक के कई देश हैं।

missile agni 5 india

अग्नि पांच खूबियां

अग्नि-5 पांच हजार किलोमीटर दूर तक मार करने वाली मिसाइल है। इस लिहाज से यह भारत की अब तक की सबसे अधिक मारक दूरी वाली मिसाइल होगी। अग्नि-5 तीन चरणों और ठोस ईंधन वाली 17 मीटर लंबी मिसाइल है। अग्नि-5 20 मिनट में पांच हजार किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। यह डेढ़ मीटर यानी कार जैसे छोटे टारगेट पर भी निशाना लगा सकती है।

अग्नि पांच के लॉन्चिंग सिस्टम में कैनिस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस की वजह से इस मिसाइल को कहीं भी बड़ी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है। इसे सड़क से भी लॉन्च किया जा सकता है। जिससे हम अपने दुश्मन के करीब पहुंच सकते हैं।

ओपिनियन