एजुकेशन

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सीबीएसई बारहवीं के नतीजों का एलान हो गया है. कुल 82 फीसदी बच्चे पास हुए हैं. छात्रों के मुकाबले छात्राओं ने बाजी मारी है. 87.5 फीसदी छात्राएं पास हुई हैं जबकि 77 फीसदी छात्रों ने बाजी मारी है.

दिल्ली के साकेत की रहनी वाली एम गायत्री ने CBSE में टॉप किया है. गायत्री ने 99.2% अंक प्राप्त किए हैं.

नॉएडा की रहने वाली  मैथिली मिश्रा ने cbse 12 वीं के नतीजो में दूसरा स्थान हासिल किया है. मैथिली ने 99% अंक हासिल किए हैं.

दिल्ली आरके पुरम डीपीएस के छात्र तपस भारद्वाज, जो देख नहीं सकते हैं लेकिन 90 फीसदी अंक हासिल किए हैं. तपस ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बताया, “पहले मन में बहुत टेंशन थी. मैंने सुबह ही वेबसाइट खोल ली थी. व्याकुलता थी. अब मन शांत है. पीएम मोदी ने मन की बात में मुझे प्रेरित किया था. उसी को ध्यान में रखते हुए मैंने तायारी की थी.”

आगे क्या करेंगे? इस सवाल पर तपश ने कहा, “मैं एलएलबी करूंगा. मैंने यह नहीं सोचा है कि कहां से करूं.”

तपस ने बताया, “मैंने कोई शेड्यूल बनाकर पढ़ाई नहीं की थी. लेकिन ये सोचा था कि  जो भी पढ़ूंगा मन से पढ़ूंगा.”

तपस ने कहा, “बच्चों को यह सीख देना चाहूंगा कि जो भी अध्यापक पढाते हैं उनपर ध्यान दे और ओवर कॉंफिडेंस न हों.”

आपको बता दें कि  सभी क्षेत्रों में तिरुवनंतपुरम अव्वल रहा है. तिरुवनंतपुरम क्षेत्र के सबसे ज़्यादा 95.41% छात्र उत्तीर्ण हुए.

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अमेरिका में एक भारतीय अमेरिकी प्रतिभाशाली छात्र ने महज 11 साल की उम्र में गणित, विज्ञान और फॉरेन लैंग्वेज स्टडी में स्नातक की डिग्री हासिल कर ली है। वह घर पर ही पढ़ाई करता है।

कैलिफोर्निया प्रांत के सैक्रामेंटो के अमेरिकन रिवर कॉलेज ने सैक्रामेंटो प्रांत के निवासी तनिष्क अब्राहम को 1,800 अन्य विद्यार्थियों के साथ यह डिग्री दी। अब्राहम अमेरिकन रिवर कॉलेज से इस साल स्नातक होने वालों में सबसे युवा हैं।

अमेरिकन रिवर कॉलेज के प्रवक्ता स्कॉट क्रो ने ‘एनबीसी न्यूज’ को बताया कि शायद वे इस समय के सबसे युवा स्नातक हैं। अब्राहम सात साल की आयु से ही घर पर रहकर पढ़ाई कर रहा है।

उसने पिछले साल मार्च में स्टेट परीक्षा पास की थी, जिसके बाद उसे हाई स्कूल डिप्लोमा की उपाधि मिली थी। अब्राहम की इस उपलब्धि पर राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उसे बधाई पत्र भेजा था।

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आई आई एन आणंद – गुजरात
आणंद स्थित दादाभाई नौरोजी हाई स्कूल के बच्चे केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी की ओर से मिले तोहफे से हैरान रह गए। स्मृति ने उन्हें 15 हजार पत्र भेजे और वह भी सबको निजी तौर पर संबोधित करते हुए। स्मृति के पत्र छात्रों ने उस न्योते का जवाब है, जो उन्हें छात्रों की ओर से निजी रूप से भेजा गया था।

इसमें छात्रों ने केंद्रीय मंत्री से चारोतर एजुकेशन सोसायटी की ओर से चलाए जा रहे इस स्कूल के शताब्दी समारोह में शामिल होने का अनुरोध किया था। सोसायटी को लेटरों का करीब 100 किलो का पार्सल मिला।

सोसायटी के चेयरमैन नीरव पटेल ने कहा कि कई चीजों पर सोचने के बाद हमने एक आइडिया फाइनल किया। हमने छात्रों से कहा कि वे मंत्री को अपने तरीके से और अपने शब्दों में न्योता भेजें। छात्रों को अपनी कक्षा में ही लेटर लिखने को कहा गया।

पटेल ने कहा, ‘ऐसा करते हुए हमने इसे पूरे काम की फोटो भी खींची और साथ ही विडियो शूट भी किया और उन्हें न्योते के साथ भेजा। हमारे प्रतिनिधि इसे दिल्ली ले गए और स्मृति ईरानी को पर्सनली इनवाइट करके आए। इस सबने उन्हें भावुक कर दिया।’

कुछ दिन पहले हमें मंत्रालय की ओर से आधिकारिक जवाब मिला, जिसमें कहा गया कि स्मृति ईरानी के ऑफिस से उन्हें एक पार्सल भेजा जाएगा। लेकिन हमें इस बात की उम्मीद नहीं थी पार्सल 100 किलो से ज्यादा का होगा और इसमें स्मृति को न्योता देने वाले हर छात्र के लिए लेटर था।

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आई आई एन नई दिल्ली

दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीजी कोर्सेज में सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इस बार भी कामयाब रहा है। पिछले साल के मुकाबले रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ी है और रेकॉर्ड भी बना है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक इस बार पीजी लेवल पर 64 कोर्सेज के लिए 1.35 लाख रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

बढ़ी गर्ल कैंडिडेट्स की संख्या : इस बार पीजी कोर्सेज में अप्लाई करने वाली गर्ल कैंडिडेट्स की संख्या 57 पर्सेंट तक पहुंच गई है। अधिकतर पीजी कोर्सेज में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस खत्म हो गया है।

बीएड व एमएड में अभी रजिस्ट्रेशन जारी : बीएड व एमएड कोर्स में रजिस्ट्रेशन अभी चल रहे हैं। इन दोनों कोर्सेज में रजिस्ट्रेशन प्रोसेस देरी से शुरू हुआ था। बीएड कोर्स के लिए 11 मई और एमएड कोर्स के लिए 8 मई तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।

पीजी कोर्सेज का ऐंट्रेंस टेस्ट शेड्यूल जारी : यूनिवर्सिटी ने पीजी लेवल पर सभी कोर्सेज के एंट्रेंस टेस्ट का शेड्यूल भी जारी कर दिया है। कई डिपार्टमेंट्स ने एमसीक्यू बेस्ड एंट्रेंस टेस्ट कंडक्ट करने का फैसला किया है, वहीं कुछ डिपार्टमेंट ने एंट्रेंस टेस्ट में एमसीक्यू के साथ-साथ सब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों का भी फैसला किया है।

टॉप फाइव कोर्सेज

हालांकि अभी बीएड कोर्स में रजिस्ट्रेशन प्रोसेस चल रहा है लेकिन ओवरऑल देखें तो रजिस्ट्रेशन के हिसाब से लॉ कोर्सेज में सबसे ज्यादा ऐप्ल्किेशन आए हैं। उसके बाद बीएड व एमकॉम कोर्स हैं। हालांकि इस बात की संभावना है कि बीएड कोर्स में ऐप्लिकेशन सबसे ज्यादा हो सकती हैं, क्योंकि इस कोर्स में रजिस्ट्रेशन के अभी कई दिन और बचे हैं।

लॉ कोर्सेज : 16,000
बीएड : 11,000
एमकॉम : 10,000
एमए पॉलिटिकल साइंस : 6,000
एमए इंग्लिश : 5,000

दिल्ली से सबसे ज्यादा कैंडिडेट्स : यूनिवर्सिटी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इस बार करीब-करीब सभी राज्यों से स्टूडेंट्स ने अप्लाई किया है। नॉर्थ ईस्ट से अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स की संख्या भी बढ़ी है। दिल्ली, यूपी, हरियाणा के बाद राजस्थान का नंबर आता है।

दिल्ली : 59,000
यूपी : 15,000
हरियाणा : 11,000

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देवघर
कहते हैं कि अगर आपमें कुछ कर गुजरने की चाहत है तो दुनिया की कोई ताकत आपको रोक नहीं सकती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है झारखंड की रूपा ने। उसने झारखंड बोर्ड की बारहवीं के एग्जाम में पूरे राज्य में (कॉमर्स स्ट्रीम) दूसरी रैंक हासिल की है। आपको यह जानकर हैरान रह जाएंगे कि रूपा के पिता दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करते हैं।

रूपा के पिता एक बीड़ी आउटलेट पर दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। प्रतिभावान और मेहनती रूपा का सपना आगे चलकर चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनने का है। रूपा का परिवार झारखंड के देवघर का रहने वाला है।

बिना किसी बुनियादी सुविधा के रूपा ने यह सफलता सिर्फ अपनी मेहनत और लगन के दम पर हासिल की है। अब पूरा परिवार अपनी लाडली की इस उपब्धि पर बेहद खुश है। पड़ोसियों के मुताबिक, रूपा न सिर्फ पढ़ाई में बल्कि बाकी गतिविधियों में भी आगे है।

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आई आई एन नई दिल्ली

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स लिस्ट के टॉप 100 में आने के लिए भले ही भारतीय यूनिवर्सिटीज संघर्ष करती रहें लेकिन उनके विशिष्ट विभाग दुनिया के बेहतरीन विभागों में शामिल हैं। डिवेलपमेंट स्टडीज सब्जेक्ट टेबल में जगह बनाने वाली 20 भारतीय यूनिवर्सिटीज में दिल्ली यूनिवर्सिटी ( DU) पहले स्थान पर है जबकि दुनियाभर में डीयू को 17वां स्थान मिला है।

9 डिसिप्लिन की टॉप 100 लिस्ट में 9 भारतीय संस्थान शामिल हैं। बुधवार को छपी सब्जेक्ट वाइज QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2015 की 36 सब्जेक्ट टेबल्स में भारत ने 107 स्थान हासिल किए हैं। इसमें 2015 के लिए 6 नए सब्जेक्ट्स – आर्किटेक्चर, आर्ट्स ऐंड डिजाइन, बिजनस स्टडीज, डेंटिस्ट्री, डिवेलपमेंट स्टडीज और वेटरनेरी साइंस शामिल हैं।

8 सब्जेक्ट्स के लिए टॉप 100 में जगह बनाने वाला IIT बॉम्बे सबसे प्रबल भारतीय संस्थान बना है। IIT दिल्ली के भी 5 डिपार्टमेंट्स टॉप 100 में आए हैं और JNU (जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी) ने एक सब्जेक्ट लिस्ट में जगह बनाई है। डीयू के मीडिया संयोजक मलय नीरव ने बताया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पिछले 4 साल में जो प्रगति की है, यह उसी की झलक है। कुछ सब्जेक्ट्स में रैंकिंग्स में सुधार हुआ है। अगर हम अपनी इस गति को जारी रखते हैं तो अगले साल हम इससे भी ऊंचे स्थान पर होंगे।

नए जोड़े गए सब्जेक्ट आर्ट ऐंड डिजाइन में शनमुघा आर्ट्स साइंस टेक्नॉलजी ऐंड रिसर्च अकैडमी, तंजावुर, टॉप 100 में रखा गया है जबकि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु ने मटीरियल्स साइंस और इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंजिनियरिंग के लिए जगह बनाई है। दिल्ली से IIT (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी) सिविल ऐंड स्ट्रक्चरल इंजिनियरिंग, इलेक्ट्रिकल ऐंड इलेक्ट्रॉनिक इंजिनियरिंग, मकैनिकल ऐरोनॉटिकल ऐंड मैन्युफैक्चरिंग इंजिनियरिंग ऐंड कंप्यूटर साइंस ऐंड इंफॉर्मेशन सिस्टम के टॉप 100 में शामिल है।

हालांकि बिजनस और मैनेजमेंट स्टडीज के टॉप 100 में भारत का कोई भी बिजनस स्कूल जगह नहीं बना पाया है। इस सब्जेक्ट टेबल में भारत की तरफ से IIM (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट) अहमदाबाद, IIM बेंगलुरु, IIT दिल्ली ने टॉप रैंक्स शेयर की हैं।

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अब स्टूडेंट्स का फोकस जेईई ऐडवांस्ड पर है। 24 मई को एग्जाम है। तैयारियों के लिए खास समय न बचने से प्रेशर स्वाभाविक है। ऐसे में तैयारियों को परखने और स्पीड बेहतर रखने के लिए मॉक टेस्ट से बेहतर कुछ नहीं है। इससे कमियों का पता चलने के साथ ही टाइम मैनेजमेंट भी सुधारा जा सकता है।

टाइम मैनेजमेंट जरूरी : मॉक टेस्ट के लिए टाइम मैनेजमेंट सबसे जरूरी है क्योंकि जानकारी के बावजूद टाइम पर पेपर सॉल्व न करने से सफलता आपसे दूर हो सकती है। मॉक टेस्ट को मेन एग्जाम मानकर ही प्रैक्टिस करनी चाहिए। इसके साथ ही सभी सेक्शंस को सॉल्व करने के लिए अलग-अलग टाइम फ्रेम भी निर्धारित करें। कम समय में ज्यादा सवालों के जवाब देने की कोशिश करें। साथ ही ऐक्यूरेसी बनाए रखें, क्योंकि एक भी गलत जवाब मेरिट गिरा सकता है।

कमियां पकड़ें और दूर करें : टेस्ट देते समय हुई गलतियों पर खास ध्यान दें। जिस सेक्शन में दिक्कत हो, उस पर फोकस करें। थोड़ा ध्यान देकर परिणाम को बेहतर किया जा सकता है। कठिन लगने वाले हिस्से के लिए विशेष तैयारी करें। पुराने पेपर्स सॉल्व करते समय कमजोर सेक्शन पर ध्यान देते हुए परफार्मेंस सुधारने की कोशिश करें।

रिपोर्ट कार्ड भी बनाएं : एक महीने के समय में अभ्यर्थी रोज दो मॉक टेस्ट पर फोकस करें। साथ ही हर सेक्शन का रिपोर्ट कार्ड भी बनाएं।

यहां करें फोकस

मैथ्स में वेक्टर और थ्रीडी : ऐडवांस पेपर में वेक्टर और थ्रीडी टॉपिक को खास रिवाइज करने की जरूरत है। हर साल इन टॉपिक्स से 2-4 सवाल अवश्य आते हैं। ऐल्जेब्रा के लिए ग्राफिकल फॉर्म में कमांड हासिल कर लें। परम्युटेशन-कॉम्बिनेशन और प्रॉबेबिलिटी भी बेहद खास टॉपिक हैं। इनको समझना बिल्कुल न भूलें।

केमिस्ट्री में कॉन्सेप्ट पर दें ध्यान : केमिकल इक्विलिब्रियम, मोल कॉन्सेप्ट और इलेक्ट्रो केमिस्ट्री पर नजर जरूर डालें। इसके अलावा स्टीरियो केमिस्ट्री, फंक्शन ग्रुप ऐनालसिस को अच्छे रिवाइज करें। न्यूमेरिकल सॉल्व करने के लिए पुराने पेपर्स की मदद लें। स्पीड और ऐक्युरेसी को ठीक करें।

एक्सपर्ट आदित्य कुमार के मुताबिक फिजिक्स में मेकेनिक्स सबसे ज्यादा स्कोरिंग होता है।

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आई आई एन नई दिल्ली ​

सरकारी स्कूलों में इस बार समर वकेशन के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है। सरकारी स्कूलों में 11 मई से 30 जून तक छुट्टियां होती हैं, लेकिन इस बार स्कूल जून के आखिरी शनिवार यानी 27 जून से खुल सकते हैं।

शिक्षकों के एक संगठन ‘सोसायटी फॉर टीचर्स कॉज’ की ओर से इस मुद्दे पर एजुकेशन सेक्रेटरी से मांग की गई थी। संगठन के प्रेजिडेंट ओम सिंह, वाइस प्रेजिडेंट डीके तिवारी और जनरल सेक्रेटरी राज किशोर शर्मा ने केंद्रीय विद्यालय संगठन के पैटर्न पर समर वकेशन का शेड्यूल तय करने की जरूरत बताई है। संगठन के अनुसार राइट टु एजुकेशन ऐक्ट के तहत 220 दिन पढ़ाई होनी जरूरी है, अगर 27 जून से स्कूल खुलते हैं तो यह टारगेट पूरा हो सकेगा। साथ ही मार्च में दूसरे शनिवार के दिन क्लासेज की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

शिक्षक नेता वीरेंद्र कुमार का कहना है कि जून में स्कूल खुलने से टीचर्स को जून महीने का ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी मिल सकेगा। एजुकेशन सेक्रेटरी से मीटिंग के दौरान पिछले एक साल से टीचर्स का प्रमोशन न होने का मुद्दा भी उठा। आने वाले समय में शिक्षा निदेशालय कुछ अहम फैसले कर सकता है।

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आई आई एन ​नई दिल्ली ​

आप भी यह टेस्ट करा सकते हैं कि आपका घर भूकंप के झटके झेलने के लिए कितना सेफ है।

जब लें फ्लैटः 1. डिवेलपर से बिल्डिंग का मैप लेकर स्ट्रक्चरल इंजीनियर को दिखाएं। इससे मजबूती का पता चल जाएगा।

2. बिल्डिंग अप्रूव्ड प्लान के मुताबिक होना जरूरी है, तभी स्ट्रक्चरल इंजीनियर को दिखाने का फायदा है।

बना-बनाया मकानः 1. अलग-अलग हिस्सों जैसे कॉलम, फ्लोर आदि से सैंपल लेकर जांच करानी होगी। स्ट्रक्चरल इंजीनियर हायर करें।

2. अगर लगे कि मकान भूकंप के लिए कमजोर है, तो अतिरिक्त कॉलम खड़े करके उसे मजबूत बनाया जा सकता है।

प्लॉट के लिएः 1. सबसे ज्यादा जरूरी है मजबूत नींव और इसके लिए मिट्टी की जांच। 90 गज के प्लॉट पर 25-30 हजार रुपये का खर्च।

2. फ्रेम स्ट्रक्चर से बिल्डिंग कॉलम पर टिकती है। कॉलम जमीन के नीचे करीब 2 मीटर होते हैं। बीम भी डाले जाते हैं। (जैसा स्ट्रक्चरल इंजीनियर वाई.बी. चौहान ने बताया)

बिल्डर्स के लिए जरूरीः क्रेडाई एनसीआर के प्रेजिडेंट और गौड़ संस के सीएमडी मनोज गौड़ ने बताया कि बिल्डर्स भूकंपरोधी बिल्डिंग बनाने का पूरा ध्यान रखते हैं। ऐसा करना जरूरी भी है, क्योंकि इसके बिना न तो प्रोजेक्ट मंजूर होगा और न ही कंप्लिशन सर्टिफिकेट मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर में करीब 8 तीव्रता का भूकंप सहने के लिए बिल्डिंग बनाई जाती हैं।

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आई आई एन लखनऊ

किसी कंपनी के लुभावने विज्ञापन ने अगर बेवकूफ बनाया तो अब उसकी शिकायत ऑनलाइन की जा सकती है। इसके लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ग्रेवांसेज अंगेस्ट मिसलीडिंग एडवर्टिजमेंट (गामा) वेब पोर्टल http://gama.gov.in शुरू किया है। इस पर उपभोक्ता लॉगिन कर शिकायतें दर्ज करा सकता है। सुनवाई को प्रभावी बनाने के लिए राज्यों को भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा गया है। यूपी ने भी इसके लिए नोडल अफसर नियुक्त कर दिया है। खाद्य और रसद विभाग के प्रमुख सचिव वीएम मीणा का कहना है कि केंद्र के अनुरोध पर नियंत्रक विधिक माप विज्ञान लखनऊ को नोडल अफसर बनाया गया है।
इसलिए की गई शुरुआत
ई-कॉमर्स के बढ़ते क्रेज के बाद मल्टिलेवल मार्केटिंग, प्रॉडक्ट की सीधी बिक्री और उससे जुड़े विज्ञापनों की संख्या खूब बढ़ी है। टेलिशॉपिंग से जुड़े विज्ञापनों की टीवी और रेडियो पर भी भरमार है। लुभावने ऑफरों की आड़ में उपभोक्ताओं के साथ ठगी की शिकायतें भी खूब आती रही हैं। ये देखते हुए ही पोर्टल की शुरुआत की गई है।
छह सेक्टर पर फोकस
यूं तो वेब पोर्टल पर इंटरनेट, टीवी चैनल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, न्यूज पेपर, रेडियो, बैनर, होर्डिंग, हैंडबिल सहित दूसरे माध्यमों के जरिए दिखने वाले हर तरह के भ्रामक विज्ञापनों की शिकायत की जा सकेगी लेकिन फोकस एरिया छह सेक्टर तय किया गया है। इसमें फूड ऐंड एग्रीकल्चर, हेल्थ, एजुकेशन, रियल एस्टेट, ट्रासंपोर्ट और फाइनैंशल सर्विसेज शामिल हैं।
यूं कर सकते हैं शिकायत
उपभोक्ता वेब पोर्टल पर जाकर अपनी लॉगिन आईडी बनाएगा। वहां अपनी शिकायत के साथ ही विज्ञापन का ऑडियो, विजुअल या जो भी फॉर्मेट हो उस पर अपलोड करेगा। इसके बाद आईडी और पासवर्ड के जरिए वह शिकायत पर हुई कार्रवाई की प्रक्रिया को भी ट्रेस कर सकेगा। शिकायतों को संबंधित अथॉरिटीज को भेज दिया जाएगा जबकि मंत्रालय भी उसकी मॉनिटरिंग करता रहेगा।

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